शकुन-अपशकुन
व्यक्ति के जीवन में अच्छी और बुरी घटनाएं होती रहती हैं, इन्हीं घटनाओं में उसका जीवन चक्र घूमता रहता है और इसी जीवन चक्र में अच्छा-बुरा, शुभ-अशुभ तथा शकुन-अपशकुन का चक्र भी घूमता है। व्यक्ति के जीवन में यदि बुरा समय आता है तो अच्छा समय भी जरूर आता है। ऐसे समय यदि वह मिट्टी को छुए तो सोना बन जाए अर्थात् वह जिस काम में हाथ डालता है वह सफल होता है। उसके जीवन में ऐसा भी समय आता है जब वह सोने को छुए तो मिट्टी हो जाए, तब उसका कोई काम नहीं बनता। यह वक्त का पहिया हमारे जीवन चक्र के साथ ही चलता रहता है। इसी अच्छे या बुरे समय को हम शुभ या अशुभ समय कहते हैं। शकुन-अपशकुन की अवधारणा समाज में प्राचीन काल से ही रही है। समाज का शायद ही कोई ऐसा वर्ग हो जो इन पर विश्वास न करता हो। विद्यार्थी, कलाकार, राजनेता, अभिनेता, व्यापारी यहां तक कि वैज्ञानिक भी इन पर विश्वास करते हैं। प्रकृति में किसी भी तरह के शकुन-अपशकुन को समझने के लिए कई तरह के संदेश होते हैं। प्रकृति अपने माध्यम से मनुष्य को आने वाले शुभ-अशुभ की जानकारी देती रहती है। लेकिन इन्हें प्रयोग में लाने से पहले किसी विवाद में न पड़ कर स्वयं समय-समय पर इनका निरीक्षण परीक्षण कर सकते हैं।
शकुन क्या है :- शकुन का अर्थ है किसी भी कार्य के पूर्ण होने के शुभ लक्षण, जो हमारे मन में आत्मविश्वास पैदा करते हैं कि हमारा काम पूर्ण होगा।
अपशकुन क्या है :- अपशकुन इसके विपरीत होता है। किसी कार्य के पूर्ण होने में संदेह हो तो कुछ लक्षणों को देखते ही व्यक्ति मन में अवधारणा बना लेता है कि उसका कार्य पूर्ण नहीं होगा। कुछ ऐसे लक्षणों को जो कार्य की अपूर्णता को दर्शाते हैं, हम अपशकुन मान लेते हैं।
भारतीय परंपरा एवं संस्कार में शुभ-अशुभ शकुन का बड़ा महत्त्व माना गया है। इन छोटे टोटकों से आप लाभ ले सकते हैं। एक धारणा है कि यदि साल के पहले दिन जेब, घर की अलमारी, या दुकान का गल्ला खाली हो तो पूरे साल गरीबी तथा तंगी रहती है। इसलिए पहले दिन जेबों तथा अलमारी में कुछ न कुछ रखना चाहिए। जानें ऐसे ही कुछ शकुन एवं अपशकुन के बारे में।
-: कुछ प्रचलित शुभ शकुन :-
दुनिया में बहुत से चिह्नों को सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। कुछ प्रतीक महिलाओं के लिए अति सौभाग्यशाली होते हैं, जिनमें कुछ का वर्णन यहां प्रस्तुत है।
※ घर की चौखट पर मंगल चिह्न स्वास्तिक, ॐ या अन्य शुभ चिह्न लगाना घर में सुख-शांति का सूचक है।
※ सुबह का चांद देखना अथवा मछली के दर्शन करना शुभ शकुन होता है।
※ बाहर जाते समय सुहागन (मांग सिंदूर से भरी हुई) महिला का मिलना शुभ माना जाता है।
※ यात्रा के समय यदि कोई सुहागन गोद में बच्चा लिए सामने आ जाए तो शुभ शकुन माना जाता है।
※ यदि कोई गर्भवती महिला बैठकर फल खा रही हो और फल छूटकर उसकी गोद में गिर जाए तो यह शुभ शकुन होता है। उसकी गोद से उठाकर कोई ऐसी स्त्री जिसके संतान न होती हो, उस फल को खा ले तो शीघ्र ही वह भी संतानवती हो जाती हैं।
※ घर में आई दुल्हन सुहाग के जोड़े में इतना हंसे कि उसकी आंख से आंसू छलक आये तो यह शुभ शकुन माना जाता है। घर का ऐसा कोई व्यक्ति जो कष्ट में हो या दुखी हो, उस दुल्हन की आंख से निकले आंसू को अपनी उंगली पर लेकर चाट ले तो उसके दुःख दूर हो जाएंगे।
※ लकड़ी को छूकर अपनी बात कहना, नजर दोष से बचाता है। इसीलिए चंदन, रुद्राक्ष या तुलसी की माला अति पवित्र मानी गई है।
※ जिस घर में प्रायः बिल्लियां आकर विष्ठा कर जाती हैं, वहां कुछ शुभत्व के लक्षण प्रकट होते हैं।
※ बिल्ली का रास्ता काटना अशुभ माना जाता है। लेकिन यदि बिल्ली बायीं ओर से बाहर आ रही हो तो बहुत शुभ होता है और दायीं ओर दिखे तो अशुभ होता है।
※ यदि काली बिल्ली रास्ता काट जाए तो अपशकुन होता है। कार्य में अड़चनें आती हैं, व्यक्ति का काम नहीं बनता। इसलिए उसे कुछ कदम पीछे हटकर आगे बढ़ना चाहिए।
※ बिल्ली यदि घर में बच्चे दे तो शुभ संकेत होता है। दीपावली के दिन रात को बिल्ली घर में दिखे तो यह शुभ संकेत है। इससे घर में धन का आगमन होता है।
※ झाड़ू को घर की लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है, क्योंकि यह दरिद्रता को घर से बाहर निकालता है।
※ दीपावली पर नया झाड़ू खरीदना शुभ संकेत माना जाता है।
※ यदि कोई छोटा बच्चा अचानक झाडू लगाने लगे तो अनचाहे मेहमान घर में आते हैं।
※ यदि कोई गृहिणी आटा गंूधने की तैयारी कर रही हो और उस वक्त घर पर कोई भिखारी आ जाए तो उस गृहिणी को उसमें से एक मुट्ठी आटा उस भिखारी को देना चाहिए। माना जाता है कि दान किया हुआ एक मुट्ठी आटा व्यक्ति पर आए संकट को दूर करता है।
※ यदि आपके यहाँ सोकर उठते ही कोई भिखारी मांगने आ जाए तो उसे दान देकर यह समझना चाहिए आपके द्वारा दिया गया उधार बिना मांगे वापस आ जाएगा।
※ यदि आप किसी कार्य से जा रहे हैं और आपके सामने पनिहारी (पानी का घड़ा लिए हुए स्त्री) अथवा गाय आ जाए तो कार्य में सफलता मिलती है।
※ स्नान के बाद कपड़े पहनते समय यदि जेब से पैसे गिरें तो यह धन प्राप्ति का संकेत है। कपड़े बदलते समय भी ऐसा हो तो शुभ होता है।
※ आप किसी कार्य से जा रहे हों, तब आपके सामने कोई भी व्यक्ति गुड़ ले जाता हुआ दिखे तो आशा से अधिक लाभ होता है।
※ आप लड़की के लिए वर तलाश करने जा रहे हों। तब घर से निकलते समय कुँवारी लड़कियाँ बातचीत करते मिल जाएँ तो शुभ योग होता है।
※ यदि शरीर पर चिड़िया गंदगी कर दे तो समझना चाहिए आपकी दरिद्रता दूर होने वाली है।
※ जिस भवन के गेट पर आकर गाय जोर-जोर से रंभाए तो जरूर ही उस घर के सुख में वृद्धि होती है।
※ जिस घर में काली चींटियां समूहबद्ध होकर घूमती हों वहां ऐश्वर्य वृद्धि होती है, किन्तु मतभेद भी होते हैं।
※ घर में प्राकृतिक रूप से कबूतरों का वास शुभ होता है।
※ घर की सीमा में मयूर का रहना या आना शुभ होता है।
※ पीला बिच्छू घर में निकले तो घर में लक्ष्मी का आगमन होता है।
※ जिस घर के द्वार पर हाथी अपनी सूंड ऊंची करे वहां उन्नति, वृ(ि तथा मंगल होने की सूचना मिलती है।
※ जिस घर की छत या मुंडेर पर कोयल या सोन चिरैय्या चहचहाए, वहां निश्चित ही श्री वृ(ि होती है।
※ आप सोकर उठे हों उसी समय आपको नेवला दिख जाए तो गुप्त धन मिलने की संभावना रहती है।
-: कुछ प्रचलित अपशकुन :-
※ बिल्ली पालना अशुभ है, क्योंकि बिल्ली वीराना पसंद करती है। दंतकथाओं के अनुसार बिल्ली दुआ करती है कि सब अंधे हो जाएं और मैं दूध पी जाऊं।
※ जिस घर में बिल्लियां लड़ती रहती हैं वहां जल्द ही मुश्किल आने की संभावना रहती है। इसके साथ ही वहां विवाद बढ़ता है और मतभेद होता है।
※ गृह प्रवेश से पहले घर में नया झाड़ू ले जाना शुभ होता है। नये घर में पुराना झाड़ू ले जाना अशुभ होता है।
※ घर में झाड़ू को उल्टा करके रखना अपशकुन माना जाता है।
※ अंधेरा होने के बाद घर में झाड़ू लगाना अशुभ होता है, इससे घर में दरिद्रता आती है।
※ झाड़ू पर पैर रखना अपशकुन माना जाता है, इसका अर्थ घर की लक्ष्मी को ठोकर मारना है।
※ घर के किसी सदस्य के बाहर जाते ही तुरंत झाड़ू लगाना अशुभ होता है।
※ सुबह उठकर दूध देखना शुभ है, किंतु दूध बिखर जाना अशुभ होता है।
※ बच्चों का दूध पीते ही घर से बाहर जाना अपशकुन माना जाता है।
※ काम पर जाते समय यदि बिल्ली रास्ता काट जाए तो कार्य असफल होने की आशंका रहती है। आप घर वापस आकर या थोड़ा विश्राम कर आगे जाएँ। तब कार्य सफल होगा।
※ काम पर जाते समय कोई दुष्ट प्रकृति वाला, अन्यायी, व्यभिचारी अथवा व्यभिचारिणी सामने आ जाए तो कार्य सफल नहीं होता।
※ शुभ कार्य के लिए विचार चल रहा हो तब छिपकली की आवाज सुनाई दे तो कार्य में असफलता होती है।
※ घर में किसी देवता की मूर्ति अथवा चित्र टूट जाए तो मृत्यु या मृत्यु समान कष्ट हो सकता है। निवारण के लिए श्रीरामरक्षास्तोत्र अथवा दुर्गा माँ की आराधना करें।
※ यदि आपको आकाश में तारे टूटते दिखाई दें तो स्वास्थ्य खराब होने की सूचना होती है। इसी के साथ नौकरी में खतरा एवं आर्थिक तंगी आने लगती है।
※ घर में उल्लू के चिल्लाने की आवाज आ रही हो तो भूत बाधा का डर रहता है अथवा ऊपरी बाधा से ग्रसित हो सकते हैं, विशेषकर स्त्री।
※ कुत्ते का रोना अथवा सियार के रोने से रिश्तेदार, पड़ोसी या मोहल्ले में कष्ट/मृत्यु की संभावना रहती है।
※ घर में उल्लू गिरे तो मानहानि, आयुहानि होती है। इसकी शांति के लिए यज्ञ-पूजन अथवा जाप करना चाहिए। जंगली कबूतर नहीं पालें, अशुभ माना गया है।
※ भवन के सम्मुख कोई कुत्ता भवन की ओर मुख करके रोए तो निश्चय ही घर में कोई विपत्ति आने वाली है अथवा किसी की मृत्यु होने वाली है।
※ जिस घर में बिच्छू कतार बना कर बाहर जाते हुए दिखाई दें तो समझ लेना चाहिए कि वहां से लक्ष्मी जाने की तैयारी कर रही हैं।
※ जिस घर में काले चूहे ज्यादा होते है, वहां अचानक किसी बीमारी का अंदेशा रहता है।
※ जिस घर के आंगन में कोई पक्षी घायल होकर गिरे वहां दुर्घटना होती है।
※ घर की छत पर कौए, टिटहरी या उल्लू घोर शब्द करें, वहां अचानक किसी समस्या का उदय होता है।