परिवार में सुख-समृद्धि के उपाय
हर इंसान चाहता है कि उसके घर में सुख व शांति बनी रहे, इसलिए वह लगातार मेहनत करता है ताकि ना केवल वह अपने जीवन में तरक्की करे, बल्कि अपने परिवार को खुश रख सके। अगर हम रोजमर्रा के जीवन में कुछ सामान्य बातों का ध्यान रखें तो पैसों से जुड़ी परेशानी खत्म हो जाती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। इन उपायों के करने से घर और मन की नकारात्मक शक्ति दूर हो जाती है। आपने महसूस भी किया होगा कि जब आपके घर में कोई नई चीज आई होगी और उसके बाद से घर में एक के बाद एक खुशखबरी और उन्नति होती गई। कभी-कभी कुछ ऐसी चीजें घर में आ जाती हैं जिससे अचानक ही घर में परेशानियों का दौर शुरु हो जाता है। हम यह भी नहीं समझ पाते हैं कि यह सब कैसे हो रहा है।
वास्तु विज्ञान में ऐसी ही सात चीजों का उल्लेख किया गया है जो घर में कभी भी नही लाना चाहिए। अगर यह चीजें घर में आ जाएं तो समझ लीजिए आपने खुद ही अपने घर में परेशानियों को निमंत्रण दिया है।
⁜ घर में टाइटेनिक जहाज और दूसरे डूबते हुए जहाज या नाव की तस्वीर नहीं लगानी चाहिए।
⁜ घर में कभी भी जंगली जानवर खासतौर पर हिंशक पशुओं की तस्वीरें नहीं लगाना चाहिए।
⁜ घर में भूत-प्रेम और राक्षसों की तस्वीरें नहीं लगाना चाहिए।
⁜ घर की दीवार पर पानी का फव्वरा की तस्वीर लगाने से अनावश्यक व्यय बढ़ता है।
⁜ घर में शिव का विनाशकारी और भयंकर रुप काल भैरव और नटराज नहीं होना चाहिए।
⁜ महाभारत की कथा और तस्वीर घर की सुख-शांति में बाधक होती है। क्योंकि महाभारत एक पारिवारिक यु( था जो परिवार में संघर्ष की भावना को बढ़ाता है।
⁜ ताजमहल एक समाधि है जो मौत की निशानी और नकारात्मकता का प्रतीक है। इससे पति-पत्नी के बीच प्रेम बढ़ने की बजाय दूरी बढ़ने का ख्याल बार-बार आता है। ताजमहल को आगरा जाकर देखना और इसकी तस्वीर या मूर्ति को घर में सजाकर रखना दो अलग बातें हैं।
औरत अपने शुभ कर्मों से किसी घर को आबाद और अशुभ कर्मों से बर्बाद कर सकती है। कहते हैं कि प्रत्येक सफल व्यक्ति के पीछे औरत का हाथ होता है। वास्तु के अनुसार औरत घर की ऊर्जा की मूल स्त्रोत होती हैं, और अगर वह अपने स्वभाव में कुछ वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करें तो घर में सुख शांति और समृद्धि की वर्षा हो जाए। हिन्दुओं में औरत को घर की लक्ष्मी माना जाता है और औरत भी उस घर को ही अपना स्वर्ग भी मानती है। मनुस्मृति (3/56) के अनुसार जहां महिलाओं पूजा होती है वहां देवताओं का वास होता है।
वास्तुशास्त्र के अनुसार कुछ ऐसे उपाय हैं जिन्हें अपनाकर घर की महिलाएं अपने घर में सुख शांति और समृद्धि ला सकती है :-
(1) सुबह जल्दी उठकर, मुख्य दरवाजे के बाहर से सफाई करके एक लौटा पानी छिड़क दें। इससे पितृ तृप्त होते हैं तथा घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होकर धन की बरकत होती है।
(2) प्रतिदिन स्नान करके घर के पास किसी मन्दिर में या घर के मन्दिर में 6 बजे से 8 बजे तक पूजा-पाठ अवश्य कर लेना चाहिए। पूजा के बाद सामूहिक आरती करनी चाहिए। पूजा करते समय घंटी या शंखनाद करना चाहिए।
(3) धूप, अगरबत्ती को फूंक मारकर नहीं बुझाना चाहिए। पूजा घर में तांबे का लौटा पानी भरकर अवश्य रखें।
(4) भोजन पकाने से पहले स्नान अवश्य करना चाहिए। नहाने के बाद भोजन पकाने पर खाना ज्यादा स्वादिष्ट, स्वास्थ्यवर्धक और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर हो जाता है।
(5) भोजन बनाने के बाद और खाने से पहले अपने देवी-देवताओं को भोग लगाना चाहिए।
(6) प्रतिदिन प्रातःकाल पहली रोटी गाय के लिए और अन्तिम रोटी कुत्ते के लिए निकालें। इससे व्यक्ति के पूर्वज, पित्तर और देवी-देवता प्रसन्न रहते है और घर में भी शांति बनी रहती है।
(7) तुलसी को परिवार की समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। अतः घर के आंगन में एक उंचाई का स्थान बनवाकर वहां तुलसी का पौधा लगाएं तथा प्रतिदिन इसका पूजन करें। सुबह-शाम दीपक लगाएं। इस उपाय को करने से घर में सदैव शांति का वातावरण बना रहेगा।
(8) घर की स्वच्छता, घर में सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है। इसके लिए आवश्यक है कि घर के सभी सदस्य स्वच्छता का खास खयाल रखें।
(9) सप्ताह में एक दिन पूरे घर अलमारियों की सफाई अवश्य करनी चाहिए। सफाई करने के बाद नहा लेना चाहिए। इससे तन-मन स्वच्छ हो जाते हैं और सकारात्मक ऊर्जा शरीर में आ जाती है।
(10) घर में जूते-चप्पल व कचरा बिखरा न रहने दें। टूटा-फूटा फर्नीचर, बर्तन, कांच, फटे हुए कपड़े और कतरनें पड़ी हों तो तुरंत घर से निकाल दें।
(11) झाड़ू को घर में खड़ा करके नहीं रखना चाहिए और ना उसे ऐसी जगह रखनी चाहिए जहां उसे पैर लगें या लांघा जाता हो। ऐसा करने से बरकत नहीं होती है और धनागम के स्रोतों में कमी आती है।
(12) घर के प्रत्येक कमरे में एक बार प्रकाश जरूर फैलाना चाहिए। अर्थात् घर के प्रत्येक कमरे को दिन में भले ही कुछ क्षणों के लिए ही, किन्तु प्रकाशित अवश्य ही करना चाहिए।
(13) सूर्यास्त के बाद स्त्रियों का कंघा करना सही नही माना जाता है। शाम के समय कंघा करने से धन की देवी लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं।
(14) घर के दक्षिण-पश्चिमी कोने में पानी का स्त्रोत होने से धनहानि की संभावना बढ़ जाती है। जबकि पानी का स्त्रोत उत्तर-पूर्वी कोने में होने काफी अच्छा होता है।
(15) तिजोरी का दरवाजा उत्तर दिशा में खुलना चाहिए। तिजोरी में कुबेर की फोटो रखने से धन लाभ होता है।
(16) अगर व्यापार में लगातार घाटा हो रहा है तो उससे उबरने के लिए कार्यस्थल पर बने पूजास्थल पर हल्दी की माला लटका दें। साथ ही पीले रंग की वस्तुओं का अधिक इस्तेमाल करें।
(17) सदा पूर्व या दक्षिण दिशा की ओर सिर करके सोएं। बच्चों को पूर्व की तरफ सिर करके सोने से विद्या की प्राप्ति होती है। दक्षिण दिशा की ओर सिर करके सोने से धन और आयु में वृद्धि होती है।
यदि घर में कोई न कोई अनर्थ होता रहता है, तो –
(18) प्रतिदिन सुबह घर में गोमूत्र अथवा गाय के दूध में गंगाजल मिलाकर छिड़कने से घर की शुद्धि होती है तथा बुरी शक्ति का प्रभाव कम होता है।
(19) सप्ताह में एक दिन (रविवार) पानी की बाल्टी में 2 चम्मच नमक डालकर पोंछा लगाएं। इससे नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है। वीरवार को पौंचा ना लगाएं।
(21) किसी शुभ मुहूर्त में गंगाजल में पिसी हल्दी मिलाकर, उससे मुख्य द्वार के दोनों ओर ॐ और स्वास्तिक का चिन्ह बना दें।
(22) नियमित रूप से जल में थोड़ा-सा गुड़ मिलाकर ‘ॐ घृणिः सूर्याय नमः’ मंत्र जाप के साथ सूर्य को अर्ध्य देना चाहिए।