पति-पत्नी का महत्त्व
हिन्दू धर्म में विवाह को सोलह संस्कारों में से एक माना गया है, जिसमें दो व्यक्ति जीवनभर साथ रहने का वचन देते हैं। शादी लव मैरिज हो या अरेंज, जब स्त्री और पुरुष विवाह के बंधन में बंधते हैं, तो उन्हें एक-दूसरे से काफी उम्मीदें होती हैं। पति-पत्नी का रिश्ता मजबूत होने के साथ नाजुक भी होता है, ऐसे में जीवनभर इस रिश्ते को निभाना आसान नहीं होता। वैवाहिक जीवन दो पहिए की गाड़ी है, जिसमें पति-पत्नी दो पहिए की तरह होते हैं। अगर गाड़ी का एक पहिया भी किसी कारण बिगड़ जाए तो यह गाड़ी आगे बढ़ नहीं पाती है। इसी प्रकार पति-पत्नी का रिश्ता भी दोनों तरफ से मजबूत होना चाहिए। विवाह के बंधन में दो व्यक्ति ही नही बंधते, बल्कि उनके परिवार भी एक-दूसरे के साथ बंध जाते हैं। विवाह के बाद पति और पत्नी दोनों की ही जिम्मेदारी हो जाती है कि एक-दूसरे की खुशियों और भावनाओं का ध्यान रखें। उन्हें अपने लिए न सोचते हुए दोनों के लिए सोचना होता है। अगर पति की आदतों में पत्नी अपनी खुशी और पत्नी की आदतों में पति अपनी खुशी खोज ले तो लाइफ में कोई टेंशन नहीं होती। पति-पत्नी का रिश्ता कच्चे धागे की तरह होता है, लेकिन इसमें प्यार गहरा हो तो इस रिश्ते की डोर को कोई नहीं तोड़ सकता। हर व्यक्ति खुशहाली के साथ अपना वैवाहिक जीवन व्यतीत करना चाहता है, लेकिन पति-पत्नी का रिश्ता कैसा होना चाहिए, इस बात से कई लोग अनजान होते हैं। इसलिए अच्छे पति-पत्नी कैसे बनें, इससे जुड़े कुछ टिप्स दिए गए हैं जिन्हें अपनाकर दाम्पत्य जीवन को सुखी बनाया जा सकता है।
अच्छे पति-पत्नी कैसे बनें ?
※ पति-पत्नी के बीच जितना विश्वास होगा, यह रिश्ता उतना ही गहरा और सशक्त होता है। पति-पत्नी के रिश्ते में झूठ दीमक के समान होता है, जो इस रिश्ते की नींव को कमजोर कर देता है।
※ पति-पत्नी का रिश्ता तभी चल सकता है, जब दोनों के बीच एक दूजे के प्रति सम्मान, त्याग व समर्पण का भाव होता है। इसलिए अपने पार्टनर की सुंदरता के साथ उसकी अच्छाई/बुराई को भी स्वीकार करें।
※ आपका पार्टनर चाहे रुपये, पढ़ाई-लिखाई, रूप, गुण या फिर नौकरी में भले आपसे कम हो, उसके बाद भी आप उसकी अच्छी बातों के लिए उसका सम्मान करिए।
※ हर इंसान की पसंद-नापसंद, विचारधारा और रहन-सहन अलग होता है, ऐसे में एक दूसरे की भावनाओं की कद्र ना हो, तो पति-पत्नी के बीच दरार आने की संभावना बढ़ सकती है।
※ पति-पत्नी के रिश्ते में सब्र का होना बहुत जरूरी है। पति-पत्नी में छोटी मोटी लड़ाई होना आम बात है, इसलिए साथ बैठकर विवाद सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए।
※ गलती चाहें कितनी भी बड़ी क्यों न हो, आप अपने पार्टनर को दोष न देकर उसके साथ खड़े होते हैं तो आप एक आदर्श पार्टनर हैं। उस समय खुद को रखकर देखें यदि वही गलती आपसे होती तो आप क्या करते? अपने पार्टनर से क्या अपेक्षा रखते? पार्टनर की गलती को माफ करके उसे सुधारने की पहल करें।
※ अक्सर देखा जाता है कि पत्नी घर का कामकाज संभालती हैं, तो पति दफ्तर जाते हैं। इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि पति घर के कामों में हाथ नहीं बंटा सकते। घर के कामों को दोनों को मिलकर करने से किसी एक पर काम का दबाव नहीं पड़ेगा और दोनों को एक-दूसरे के साथ ज्यादा समय बिताने का भी मौका मिलता है।
※ एक-दूसरे के साथ समय बिताने का प्रयास करें, जैसे साथ खाना खाना, साथ घूमने जाना या आपसी रुचियों का आनंद लेना। एक-दूसरे के साथ क्वालिटी टाइम बिताने से रिश्ते में नयापन बना रहेगा।
※ पति-पत्नी दोनों रिश्ते को अच्छा बनाए रखने के लिए माफी मांगने में पीछे न रहें। अपनी गलतियों को स्वीकार करें व माफी मांगकर झगड़े को खत्म कर देना चाहिए।
※ आपसी लड़ाई के दौरान पुरानी बातों को भुला देने में ही समझदारी होती है।
※ जीवन में सुख-दुःख का आना जाना लगा रहता है, ऐसे में अपना दुख को पार्टनर संग शेयर करना चाहिए। इससे आपकी परेशानियों में आपका साथ देने के लिए आपका पार्टनर आपके पास होगा।
※ पति-पत्नी अपनी इच्छाओं को एक-दूसरे पर न थोपते हुए बराबरी का दर्जा देते हो तो आप एक आदर्श लाइफ पार्टनर हैं। सच्चे लाइफ पार्टनर वही होते हैं जो एक दूसरे के कामों में सहयोग करें।
※ जीवन के हर फैसले में पति-पत्नी दोनों का बराबर अधिकार होता है। इसलिए, अपने हर फैसले में पार्टनर को शामिल करें। उनकी राय को भी महत्त्व दें।
※ पति-पत्नी का रिश्ता प्यार के साथ खूबसूरती व रोमांस से भरपूर होना चाहिए। पति-पत्नी के बीच रोमांस उनको भावनात्मक रूप से जोड़कर रिश्ते को और मजबूत बनाता है।
※ अगर पति पत्नी के बीच दोस्ती का रिश्ता होता है, तो उनका जीवन ओर भी ज्यादा खुशहाल हो सकता है।
वैवाहिक जीवन को खुशहाल बनाने के टिप्स :
अक्सर भागदौड़ भरी जिंदगी में जीवन को हंसी-खुशी के साथ बिताना काफी मुश्किल होता है। तमाम जिम्मेदारियों और काम के चलते पति-पत्नी एक-दूसरे को पर्याप्त समय नहीं दे पाते हैं, जिनसे उनके बीच दूरियां आने लगती हैं। शादी के बाद रिश्ते को लंबी उम्र तक खुशहाल रखने के लिए लोग तमाम तरीके अपनाते हैं, लेकिन फिर भी शादीशुदा जिंदगी में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
※ प्रतिदिन पति-पत्नी को एकसाथ मंदिर जाकर भगवान के दर्शन करने चाहिए। यदि संभव न तो कम से कम सप्ताह में एक दिन साथ में मंदिर जरूर जाएं।
※ शुक्रवार को मां लक्ष्मी के चरणों में गुलाब का फूल चढ़ाएं और इस फूल को अपने बेडरूम में रखें।
※ पति-पत्नी का कमरा हमेशा साफ-सुथरा होना चाहिए। पलंग के नीचे कचरा, जूते-चप्पल या टूटी-फूटी चीजें न रखें। यह नकारात्मकता का कारण बनते हैं और इसका असर पति-पत्नी के रिश्ते में पड़ता है।
※ अपने बेडरूम को गुलाब आदि सुगंधित फूलों से सजाएं, इससे रिश्ते में प्यार बढ़ेगा। ध्यान रखें कमरे में मुरझाए या पुराने फूलों को न रखें, हमेशा ताजे और सुंगधित फूल ही बेडरूम में रखें।
※ पति-पत्नी के बीच प्यार बढ़ाने और झगड़े कम करने के लिए अपने बेडरूम में दर्पण को कपड़े या परदे से ढक कर रखना चाहिए।
※ पति-पत्नी को अपने कमरे में डांस करते या खेलते हुए डाॅल्फिन की तस्वीर रखनी चाहिए। इससे आपके रिश्ते में खुशियों का आगमन होगा।
※ गुलाबी स्फटिक, जिसे लव स्टोन कहा जाता है, से निकलने वाली तरंगे मन-मस्तिष्क को प्रभावित करती है। जहां यह क्वार्ट्ज होता है वहां सकारात्मक ऊर्जा सम्मोहित होती है।
※ बेडरूम में कभी भी इलेक्ट्राॅनिक उपकरण नहीं रखने चाहिए, क्योंकि इससे सकारात्मक ऊर्जा कम हो जाती है और इसका बुरा असर आपके रिश्ते पर पड़ता है।
※ पत्नी अपनी सिंदूर की डिब्बी में एक गोमती चक्र रखें। यह पति-पत्नी के बीच के झगड़ों को सुलझाता है और उनके बीच प्यार को बढ़ावा देता है।
※ संध्या के समय घर में गोबर के कंडे को जलाकर, उस पर गूगल धूप डालकर, उसकी धुनी फैलाएं। इससे घर की नकारात्मकता को दूर करके घर में सुख-शांति का वातावरण बना रहता है।